Monday, 21 May 2018

बस्तरिया वॉरियर्स के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए राजनाथ

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बारिश से पहले सुकमा और दंतेवाड़ा में सीआरपीएफ की नवगठित बस्तरिया वॉरियर्स (ब्लैक पैंथर बटालियन) बड़ा ऑपरेशन चलाएंगे। ये फैसला सोमवार को राजधानी में नक्सल अभियान की समीक्षा करने के बाद हुआ। बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के साथ राज्य और केंद्रीय सुरक्षा बलों के अफसर शामिल थे। रविवार को दंतेवाड़ा में हुए नक्सल हमले के बाद इसे बड़े ऑपरेशन के रूप में देखा जा रहा है। बैठक के बाद मीडिया से राजनाथ ने कहा कि नक्सलियों की ताकत घटी है। नक्सली हमारे जवानों से आमने-सामने की लड़ाई नहीं लड़ पा रहे। इसलिए कमजोर हो चुके नक्सली लगातार आईईडी धमाके कर हमले कर रहे हैं।

बस्तरिया वॉरियर्स के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए राजनाथ

  • - इससे पहले अंबिकापुर में गृहमंत्री राजनाथ सिंह सीआरपीएफ की 241वीं बटालियन बस्तरिया वॉरियर्स के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए।
  • - इस दौरान राजनाथ ने कहा कि कौन कहता है कि प्रतिभाएं सिर्फ शहरों में पैदा होती हैं। छत्तीसगढ़ के बस्तर के वनवासियों में भी वह प्रतिभा व क्षमता मौजूद है और आज उन्होंने यह साबित कर दिया है। जरूरत पड़ने पर यह बटालियन देश में कहीं भी अपने पराक्रम का प्रदर्शन करेगी।
  • - राजनाथ ने कहा कि आदिवासी समाज देशभक्त है और हर चुनौती के समय उन्होंने योगदान दिया है, इसलिए नियम शिथिल कर बस्तर क्षेत्र के नौजवनों को बस्तरिया बटालियन में भर्ती होने का अवसर दिया गया।
  • - समारोह में बेस्ट जवानों को शील्ड व मैडल देकर सम्मानित भी किया गया। केंद्रीय सुरक्षा बल के महानिदेशक आरआर भटनागर ने कहा कि बस्तरिया वॉरियर्स का 44 सप्ताह का प्रशिक्षण पूरा हो गया है। अब ये माओवाद प्रभावी बस्तर क्षेत्र में नक्सलियों के खिलाफ लोहा लेने के लिए तैयार हैं।

बस्तरिया वॉरियर्स ही क्यों?

  • - इस बटालियन में बस्तर के ही अधिकांश युवा आदिवासी युवा शामिल किए गए हैं। सभी युवा पूरे इलाके की भौगोलिक परिस्थितियों से अच्छी तरह परिचित हैं।

ये भी बोले गृहमंत्री

  • - शहीदों के परिजन को मिलेगी एक करोड़ सहायता राशि
  • - मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह तो विकास करना चाहते हैं, पर माओवादी नहीं चाहते कि विकास हो। हालांकि, माओवाद तेजी से सिमट रहा है।
  • - माओवादियों का जहां प्रभाव है वहां गरीबी बनी रहती है और वहां विकास न हो यह उनका प्रयास रहता है। 
  • - देश में पिछड़े जिलों की सूची में 35 नक्सल प्रभावित हैं। माओवादी खुद करोड़ों रुपए कमा रहे हैं। इनकी विदेशों में करोड़ों की सम्पति है, इनके बच्चे विदेशों में पढ़ाई कर रहे है. हम इस पर नजर बनाए रखे है। अब ये ये नहीं चलेगा, नक्सलियों की फंडिंग के सभी रास्ते बंद किए जाएंगे। पड़ताल पूरी होने के बाद इनकी सम्पति भी जब्त की जाएगी।
  • - हम किसी के खाेने की कमी तो पूरी नहीं कर सकते लेकिन मदद करना सरकार की जिम्मेदारी है। अब शहीद होने वाले जवानों के परिवार को 1 करोड़ रुपए की सहायता राशि दी जाएगी।
Credit : https://www.bhaskar.com/chhatisgarh/raipur/news/bastaria-warriors-operation-in-sukma-dantewada-before-the-monsoon-5877838.html

Thursday, 17 May 2018

छत्तीसगढ़ में रायपुर और सरगुजा में बनेगी नई खेल एकैडमी

छत्तीसगढ़ में रायपुर और सरगुजा में बनेगी नई खेल एकैडमी

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छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा इस वर्ष राजधानी रायपुर और सरगुजा में दो नई खेल एकेडमी के गठन को हरीझण्डी दे दी गई है. रायपुर में एथलेटिक्स तो सरगुजा में आवासीय और गैर अवासीय प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी.

राजधानी रायपुर के कोटा में अंतराष्ट्रीय स्तर का सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रेक एण्ड फिल्ड स्टेडियम बनाया जा चुका है. यहां एथलेटिक्स के खिलाडियों के लिए एकेडमी का गठन इस वर्ष करने राज्य सरकार ने खेल विभाग को जवाबदारी दे दी है.

सरगुजा में भी एकेडमी प्रारंभ करने के लिए 24 रिक्त पद भरने आवेदन मंगाया गया है. जानकार मानते है कि खेल विभाग को इस एथलेटिक्स एकेडमी के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी. कोच मुस्ताक अली प्रधान का कहना है कि एकेडमी को चलाने के लिए पर्याप्त संसाधनों की व्यवस्था जब तक नहीं होगी, परेशानी बनी रहेगी.

सरगुजा में परम्परागत खेल के साथ साथ अन्य खेलों को प्रोत्साहित करनें की विशेष योजना खेल विभाग तैयार कर रह है. खिलाड़ियों को आवासीय और गैर आवासीय प्रशिक्षण की व्यवस्था दी जाएगी. खेल एवं युवा कल्याण विभाग के डिप्टी डायरेक्टर ओपी शर्मा का कहना है कि एकेडमी में सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है.

छत्तीसगढ़ में उड़ान योजना : 320 किलोमीटर की दूरी आप तय कर सकेंगे मात्र 45 मिनटों में

छत्तीसगढ़ में उड़ान योजना : 320 किलोमीटर की दूरी आप तय कर सकेंगे मात्र 45 मिनटों में

Air Odisha flying plan in Chhattisgarh,Jagdalpur, Jharsuguda

छत्तीसगढ़ में उड़ान योजना के तहत एयर ओडि़शा ने जगदलपुर के बाद अब झारसुगड़ा के लिए बुकिंग शुरू कर दी है। जगदलपुर के लिए फ्लाइट की बुकिंग शुरू की थी। रायपुर से जगदलपुर और झारसुगड़ा के लिए फ्लाइट की शुरुआत एक ही दिन 14 जून से शुरू होगी।

झारसुगड़ा का सफर केवल 45 मिनट का : रायपुर से जगदलपुर का सफर जहां 50 मिनट में तय होगा, तो वहीं झारसुगड़ा के लिए 45 मिनट का समय लगेगा। इस यात्रा के दौरान 18 यात्रियों को बैठने की जगह मिलेगी। वहीं 2 पायलट और 1 क्रू मेंबर होंगे। रायपुर से झारसुगड़ा की दूरी सडक़ मार्ग से लगभग 320 किमी है। वहीं रायपुर से जगदलपुर की दूरी लगभग 290 किमी. है। रायपुर से झारसुगड़ा के मुकाबले जगदलपुर की दूरी कम होने के बाद भी फ्लाइट 5 मिनट देरी से जगदलपुर पहुंचेगी।

18 सीटर वाली झारसुगड़ा व जगदलपुर विमान सेवा की शुरुआत 14 जून से होगी। विमानन अधिकारियों के मुताबिक अन्य शहरों में बिलासपुर , रायगढ़, अंबिकापुर आदि शहरों में विमान सेवा के लिए प्रयास जारी है। इसमें वक्त लग सकता है। विमानन कंपनी ने नई फ्लाइट में बुकिंग के लिए निजी कंपनियों को अधिकृत नहीं किया है। फिलहाल कंपनी की वेबसाइट से ही टिकटों की बिक्री हो रही है।


ये होगा समय

  • रायपुर से जगदलपुर 08:05 08:55 बजे
  • जगदलपुर से विशाखापट्टनम 09:10 09:55 बजे
  • जगदलपुर से रायपुर 11:05 11:55 बजे 
  • झारसुगड़ा से रायपुर 06:55 07:45 बजे 
  • रायपुर से झारसुगड़ा 12 :15 01:00 बजे

14 जून के लिए ये होगा किराया

  • रायपुर से जगदलपुर- 3976 रुपए
  • रायपुर से झारसुगड़ा-2030 रुपए

Wednesday, 16 May 2018

छत्‍तीसगढ़ पीएससी प्री-2017 के परिणाम दोबारा जारी करने के आदेश

छत्‍तीसगढ़ पीएससी प्री-2017 के परिणाम दोबारा जारी करने के आदेश

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छत्‍तीसगढ़ हाईकोर्ट, बिलासपुर ने पीएससी की प्रारम्भिक परीक्षा 2017 के परिणाम को दोबारा जारी करने का आदेश दिया है. साथ ही एक एक्सपर्ट कमेटी गठित करने के आदेश दिए हैं, जो कोर्ट के आदेश में अंकित प्रश्नों की दोबारा जांच करेगी. इन प्रश्‍नों में एप्टीट्यूड टेस्ट के 5 प्रश्न और सामान्य ज्ञान के 5 से 6 प्रश्न शामिल हैं.

इसके अलावा कोर्ट ने यह भी आदेश दिया है कि कमेटी 15 दिनों के भीतर परिणाम को लेकर निर्णय ले. कोर्ट ने कहा है कि यदि 22 जून से पहले कमेटी निर्णय नहीं ले पाती है तो होने वाली मुख्य परीक्षा की तिथि को आगे बढ़ा दिया जाए.

आपको बता दें कि हाईकोर्ट ने छत्‍तीसगढ़ पीएससी 2017 की प्रारंभिक परीक्षा की मॉडल आंसर में गड़बड़ी के मामले में पिछली सुनवाई में पब्लिक सर्विस कमीशन को नोटिस जारी किया था. दरअसल मामला यह था कि परीक्षार्थी विनय अग्रवाल और अन्य परीक्षार्थियों ने हाईकोर्ट में एक याचिका लगाई थी. इसमें बताया गया था कि छत्‍तीसगढ़ लोकसेवा आयोग ने 18 फरवरी को पीएससी प्रारंभिक परीक्षा 2017 ली और 22 फरवरी को मॉडल आंसर घोषित कर दिए.

याचिकाकर्ताओं ने दो प्रश्नों के उत्तर को चुनौती देते हुए पीएससी को आवेदन दिया था. पीएससी ने उनके आवेदन का निराकरण तो किया नहीं, तीन अन्य आंसर को भी विलोपित कर दिया और 18 अप्रैल को रिजल्ट भी घोषित कर दिया. याचिका में कहा गया कि पीएससी का यह कदम नियम विरुद्ध है.


इस याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने पीएससी से जवाब मांगा था. साथ ही यह पूछा था कि क्या याचिकाकर्ता के दो उत्तर और विलोपित किए गए तीन उत्तरों को मिलाकर वो परीक्षा में क्वालिफाई कर पा रहा है या नहीं. मंगलवार को मामले की सुनवाई हुई, जिसमें कोर्ट ने मामले को निराकृत करते हुए एक एक्सपर्ट कमेटी बनाने और दोबारा परिणाम जारी करने का आदेश दिया है

Monday, 7 May 2018

बास्केटबॉल के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी और कोच राजेश पटेल का हरियाणा में निधन

बास्केटबॉल के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी और कोच राजेश पटेल का हरियाणा में निधन

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बास्केटबॉल के द्रोणाचार्य कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ की महिला बास्केटबॉल टीम के कोच भिलाई निवासी राजेश पटेल का ​सोमवार को निधन हो गया. बास्केटबॉल के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी और कोच राजेश पटेल ने हरियाणा के पानीपत में अंतिम सांसे लीं.

मिली जानकारी के मुताबिक, राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए राजेश पटेल अपनी टीम को लुधियाना लेकर जा रहे थे. इसी दौरान पानीपत में उनकी तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई. कुछ महीने पहले ही वे लंबी बीमारी के बाद ठीक हुए थे. बताया जा रहा है कि राजेश पटेल को हार्ट अटैक आया था.

बता दें, राजेश पटेल के नाम कई रिकॉर्ड हैं. उनके कोचिंग में छत्तीसगढ़ की महिला बास्केटबॉल टीम ने कई उपलब्धियां हासिल की हैं. राजेश पटेल को बास्केटबॉल में उनके योगदान के लिए कई पुरस्कार मिल चुके हैं. इसमें विक्रम पुरस्कार, विश्वामित्र पुरस्कार, वीर हनुमान सिंह पुरस्कार, फिकी स्पोर्ट्स ग्लोबल पुरस्कार, सेल का बेस्ट पुरस्कार, राष्ट्रीय गौरव पुरस्कार, नेशनल स्पोर्ट्स टाइम पुरस्कार, भीम चेतना पुरस्कार सहित अन्य शामिल है.

इंतजार खत्म, 9 मई को आएगा CGBSE के 10वीं और 12वीं का रिजल्ट

इंतजार खत्म, 9 मई को आएगा CGBSE के 10वीं और 12वीं का रिजल्ट
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छग माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित 10 वीं- 12 वीं बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम 9 मई को जारी किए जाएंगे। बुधवार सुबह 10 बजे स्कूल शिक्षा मंत्री केदार कश्यप परिणामों की घोषणा करेंगे। जिन्हें 11:30 बजे से परीक्षार्थी माशिमं की वेबसाइट में देख सकेंगे।

इस सत्र दोनों कक्षाओं में कुल 6 लाख 70 हजार 412 परीक्षार्थियों ने हिस्सा लिया, जिसमें 10 वीं के 3 लाख 96 हजार 546 और 12 वीं के 2 लाख 75 हजार 13 छात्र शामिल हैं। जो कि पिछले सत्र की तुलना में कम हैं, 2017 में दोनों कक्षाओं में मिलाकर लगभग 7 लाख परीक्षार्थियों ने हिस्सा लिया था। जिसमें 10 वीं के 61.4 और 12 वीं में लगभग 76.3 फीसदी परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए थे।
पहली बार दोनों परिणाम एक साथ
अबतक माशिमं की ओर से दोनों कक्षा के परिणाम पृथक रूप से घोषित किए जाते रहे हैं, जबकि इस सत्र दोनों कक्षाओं के ही परिणाम एक साथ घोषित किए जाएंगे। अधिकारियों के मुताबिक परिणाम एक साथ घोषित करने में परीक्षार्थियों की संख्या ज्यादा होने की वजह से परिणाम घोषित होने में देरी हुई है।
इसका रिजल्ट छत्तीसगढ़ बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट results.cg.nic.in और cgbse.nic.in पर घोषित किया जाएगा। छत्तीसगढ़ बोर्ड के लिए रिजल्ट सर्च करने वाले लोग ध्यान दें कि छत्तीसगढ़ बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट http://cgbse.nic.in है, ना कि cgbse.net बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट results.cg.nic.in और cgbse.nic.in पर घोषित किया जाएगा। छत्तीसगढ़ बोर्ड के लिए रिजल्ट सर्च करने वाले लोग ध्यान दें कि छत्तीसगढ़ बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट cgbse.nic.in है, ना कि cgbse.net
पिछले सत्र 10वीं के परिणाम 21 अप्रैल, वहीं 12वीं के परिणाम 27 अप्रैल को घोषित किए गए थे। दोनों कक्षाओं में मिलाकर पिछले सत्र में भी लगभग 6 लाख परीक्षार्थियों ने हिस्सा लिया था, वहीं इस सत्र दोनों कक्षाओं में कुल संख्या 6 लाख 70 हजार 412 परीक्षार्थी हैं।

Sunday, 29 April 2018

पर्यटकों को गोवा जैसा आनंद देगा गंगरेल डैम

पर्यटकों को गोवा जैसा आनंद देगा गंगरेल डैम

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समुद्र के किनारे की रेत पर लगीं छतरियां, टेबल-कुर्सियां, लहरों पर झूमते मोटरबोट, दूर-दूर तक पानी ही पानी। इस नजारे का आनंद लेने के लिए अब आपको गोवा जाने की जरूरत नहीं है। प्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल गंगरेल बांध के दूसरे किनारे पर अब आपको यह सब कुछ मिल जाएगा। यहां गोवा की तर्ज पर सुविधाएं मुहैया कराई गई हैं। यहां वाटर स्पोर्ट्स का रोमांच सैलानियों को इस कदर बांध देता है कि वे जल्द ही दोबारा आने की इच्छा लेकर ही यहां से जाते हैं।

जिला मुख्यालय धमतरी से 12 किलोमीटर दूर प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा बांध स्थित है। पं. रविशंकर शुक्ल जलाशय यानी गंगरेल बांध चारों तरफ से प्राकृतिक छटाओं से घिरा हुआ है। इसलिए यहां हर साल हजारों सैलानी आते हैं।

मनोरम नजारा व प्राकृतिक सौंदर्य देखने प्रदेश, देश सहित विदेश से भी सैलानी यहां पहुंचते हैं। गंगरेल बांध की इस खूबसूरती पर चार चांद लगाने वन विभाग व गंगरेल पर्यटन विकास समिति ने मानव निर्मित एडवेंचर कैंप तैयार किया है, जहां का आनंद व रोमांच सैलानियों को गोवा के समुद्र तट सा अनुभव देता है।

गंगरेल बांध के दूसरे किनारे पर करीब चार किमी दूर घने जंगल व पहाड़ी के बीच बने इस स्थान पर खड़े होने पर चारों ओर गंगरेल बांध का पानी और रेत वाला तट समुद्र जैसा नजर आता है। उड़ान मानव एडवेंचर द्वारा यहां विशेष पैकेज में यह सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।

क्या-क्या सुविधाएं

  • उड़ान मानव एडवेंचर की ओर से सैलानियों के लिए यहां आकर्षक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। बांध के किनारे रेत बिछा हुआ है। रात रुकने के लिए टेंट लगे हैं। बैठने के लिए गोवा की तर्ज पर रेत के ऊपर कुर्सी-टेबल व छतरी लगे हैं।
  • पैकेज में एडवेंचर स्पोर्ट्स, गंगरेल दर्शन, वाटर स्पोर्ट्स आदि हैं। बांध के अंतिम छोर पर जंगल के बीच डेढ़ किलोमीटर दूरी पर नंदी देवी मंदिर है, जहां ट्रेकिंग की सुविधा है।
  • स्पीड बोट, स्मोकलिंग की सुविधा है। कमर तक पानी में वालीबॉल खेलने के लिए नेट लगाया गया है। नहाने के लिए लाइफ जैकेट की सुविधा मुहैया कराई जाती है। मानव एडवेंचर में जीपलाइनिंग, कमांडो नेट, रोप लाइनिंग समेत 12 प्रकार के मनोरंजन की व्यवस्था है

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