Tuesday, 11 December 2018

नतीजों पर रमन सिंह बोले- मेरी अगुवाई में लड़ा गया चुनाव, हार के लिए सिर्फ मैं जिम्मेदार

नतीजों पर रमन सिंह बोले- मेरी अगुवाई में लड़ा गया चुनाव, हार के लिए सिर्फ मैं जिम्मेदार


छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने विधानसभा चुनाव में हार की जिम्मेदारी लेते हुए अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंप दिया है. नतीजों के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए रमन सिंह ने कहा कि विधानसभा चुनाव मेरी अगुवाई में लड़ा गया था, इसलिए हार की जिम्मेदारी भी मैं लेता हूं.
उन्होंने कहा कि पिछले तीन चुनाव में जब हमारी जीत हुई थी, तो जीत का श्रेय भी मुझे ही मिला था इसलिए अब हारे हैं तो उसकी जिम्मेदारी भी मैं लेता हूं.

रमन सिंह ने कहा कि वह कांग्रेस को बधाई देते हैं, उन्होंने जो वादे निभाए हैं अब उन्हें निभाने का वक्त है. उन्होंने कहा कि जो बेस्ट हो सकता था, हमने वो काम किया. अब हम विपक्ष में बैठकर प्रखरता से अपना काम करेंगे. रमन सिंह ने कहा कि वह इस हार का चिंतन करेंगेऔर देखेंगे कि कहां चूक हो गई.

विधानसभा चुनाव के नतीजों का क्या लोकसभा चुनाव पर भी असर होगा, इस सवाल पर रमन सिंह ने कहा कि राज्य का चुनाव राज्य सरकार की नीतियों पर होता है, इसमें केंद्र सरकार का कुछ लेना-देना नहीं है. दिल्ली का फैसला 2019 में ही होगा. इन नतीजों का 2019 में कोई असर नहीं होगा. जब प्रधानमंत्री चुनने का अवसर आएगा तो उसका चुनाव होगा. तब जनता ये भी देखेगी कि नरेंद्र मोदी के सामने कौन खड़ा है.

Monday, 19 November 2018

डेढ़ करोड़ से ज्यादा वोटर करेंगे 72 सीटों पर 1079 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला

डेढ़ करोड़ से ज्यादा वोटर करेंगे 72 सीटों पर 1079 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला


छत्तीसगढ़ में दूसरे चरण के लिए मंगलवार यानी कि 20 नवंबर को मतदान होना है। इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। खासकर नक्सल प्रभावित क्षेत्र गरियाबंद और बलारामपुर में 5000 से ज्यादा जवानों की तैनाती की गई है। बलरामपुर में जवान झारखंड पुलिस के साथ मिलकर बॉर्डर पर सर्चिंग ऑपरेशन भी चला रही है। दूसरे चरण में होने वाले मतदान के लिए डेढ़ करोड़ से ज्यादा वोैटर 72 सीटों पर 1079 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे। 

चुनाव अायोग के एप पर लाइव वोटिंग, सी-टॉप्स से निगरानी भी 

पहली बार चुनाव आयोग का मतदान दलों से मोबाइल एप के जरिए लगातार संपर्क बना रहेगा। संवेदनशील मतदान केंद्रों की निगरानी वेब काॅस्टिंग सिस्टम से की जाएगी। इससे रायपुर से दिल्ली तक के अफसर वोटिंग लाइव देख सकेंगे। लाइव प्रसारण 20 नवंबर को सुबह 7 से शाम 5 बजे तक होगा। इसके अलावा आयोग ने सी-टॉप्स सॉफ्टवेयर तैयार कराया है, जिससे रिटर्निंग, सेक्टर और पीठासीन अधिकारी पूरे समय संपर्क में रहेंगे।

दूसरे चरण के मतदान की खास बातें

  • 600 कंपनियां सुरक्षा के लिए तैनात
  • 19296 बूथ बनाए गए मतदान के लिए
  • 25000 ईवीएम का होगा मतदान में प्रयोग
  • 1079 उम्मीदवार कुल हैं चुनावी मैदान में 
  • 15385983 मतदाता करेंगे अधिकार का प्रयोग
  • 7746000 कुल पुरुष मतदाता हैं 
  • 7638000 कुल महिला मतदाता हैं
  • 940 इनमें थर्ड जेंडर भी वोटर हैं 

3 दिन देरी से मिलेंगे इस बार छत्तीसगढ़ को नए सरकार

मतदाता ध्यान दें, इस बार प्रदेश को तीन दिन देरी से नई सरकार मिलेगी। चौंकिए मत, पिछली बार यानी कि वर्ष 2013 में भी दो चरणों में मतदान हुए थे, 11 और 19 नवंबर को। वहीं मतगणना 8 दिसंबर को हुई। इस बार एक दिन देरी से 12 और 20 नवंबर को मतदान की तिथि तय है। वहीं मतगणना 11 दिसंबर को होगी। इसके बाद ही नई सरकार के बारे में पता चल सकेगा। 

आईएएस की एंंट्री ने हॉट बनाई खरसिया सीट

पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बाद एक बार फिर राजनीति में एक आईएएस की एंट्री हुई है। कलेक्ट्री छोड़कर भाजपा का दामन थामने वाले आेपी चौधरी को पार्टी ने खरसिया से अपना उम्मीदवार बनाया है। उनके सामने झीरम हादसे में मारे गये नंदकुमार पटेल के बेटे उमेश पटेल पटेल हैं, जो यहां के मौजूदा विधायक भी हैं। ऐसे में ये सीट सबसे हॉट मानी जा रही है। रायगढ़ की इस विधानसभा सीट पर आजादी के बाद से ही कांग्रेस का कब्जा है। 

वर्तमान में 72 सीटों पर दलीय स्थिति

  • भाजपा 43
  • कांग्रेस 27
  • बसपा 01
  • निर्दलीय 01

संभागवार सीटों पर वर्तमान स्थिति

अंबिकापुर संभाग 

  • कुल सीटें 14
  • भाजपा 07
  • कांग्रेस 07

बिलासपुर संभाग

  • कुल सीटें 24
  • भाजपा 12
  • कांग्रेस 11
  • बसपा 01

रायपुर संभाग

  • कुल सीटें 20
  • भाजपा 14
  • कांग्रेस 05
  • निर्दलीय 01

दुर्ग संभाग

  • कुल सीटें 14
  • भाजपा 09
  • कांग्रेस 05

Sunday, 18 November 2018

छत्तीसगढ़ की बेटियों को लेकर दिए बयान के खिलाफ भाजपा ने सिद्धू पर दर्ज कराई एफआईआर

छत्तीसगढ़ की बेटियों को लेकर दिए बयान के खिलाफ भाजपा ने सिद्धू पर दर्ज कराई एफआईआर

the-bjp-filed-a-case-against-siddhu-on-the-statement-of-daughters


कोरबा में चुनाव प्रचार करने आए कांग्रेस के स्टार प्रचारक नवजोत सिंह सिद्धू पर उनका ही बयान भारी पड़ गया है। छत्तीसगढ़ की बेटियों को मुंबई में बिकने को लेकर दिए गए बयान के बाद भाजपा ने राजधानी रायपुर के मौदहापारा थाने में शिकायत की है। कांग्रेस के स्टार प्रचारक के खिलाफ धारा 499 और 500 भारतीय दंड संहिता 1860 के तहत अपराध दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की है।

दरअसल 16 नवंबर को कोरबा विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार करने पंजाब के मंत्री और कांग्रेस के स्टार प्रचारक नवजोत सिंह सिद्धू प्रचार करने आए थे। यहां उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा था कि छत्तीसगढ़ की बेटियां मुंबई के बाजार में बिक रही हैं। भाजपा ने सिद्धू के इस बयान को निंदनीय और छत्तीसगढ़ की बेटियों का अपमान बताया है। 

भाजपा की ओर से दी गई शिकायत में कहा गया है कि 16 नवंबर 2018 को कोरबा विधानसभा क्षेत्र इंडियन नेशनल कांग्रेस पार्टी छत्तीसगढ़ के प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार करने आए नवजोत सिंह सिद्धू ने जो पंजाब सरकार के मंत्री है, यह बयान दिया है कि छत्तीसगढ़ की बेटियां मुंबई के बाजार में बिक रहे हैं जो घोर निंदनीय एवं छत्तीसगढ़ की बेटियों का अपमान है। 

इंडियन नेशनल कांग्रेस पार्टी के नेता नवजोत सिंह सिद्धू के इस बयान के छत्तीसगढ़ की बहन बेटियों का अपमान हुआ है तथा छत्तीसगढ़ की अस्मिता एवं स्वाभिमान को ठेस पहुंचाता है। सिद्धू का यह बयान की छत्तीसगढ़ की बेटियां मुंबई के बाजार में बिक रही हैं, भारत निर्वाचन आयोग द्वारा राजनीतिक दलों और अभ्यर्थियों के मार्गदर्शन के लिए जारी आदर्श आचार संहिता का भी उल्लंघन है। 

छत्तीसगढ़ के दूसरे चरण के लिए थमा प्रचार, 20 नवंबर को मतदान; 1079 प्रत्याशी मैदान में

छत्तीसगढ़ के दूसरे चरण के लिए थमा प्रचार, 20 नवंबर को मतदान; 1079 प्रत्याशी मैदान में

chhattisgarh-election-stop-poll-noise-now-door-to-door-campaign

छत्तीसगढ़ विधानसभा की 90 में से 72 सीटों के लिए दूसरे चरण का प्रचार रविवार शाम को 5 बजे थम गया। अब उम्मीदवार सिर्फ डोर टू डोर कैंपेन कर सकेंगे। दूसरे चरण में 20 नवंबर को मतदान होगा। आखिरी चरण में 1079 प्रत्याशी मैदान में हैं। पहले चरण में 18 सीटों पर 12 नवंबर को मतदान हुआ था। मतगणना 11 दिसंबर को होगी।
पहले चरण का मतदान होने के बाद भाजपा-कांग्रेस ने बदली रणनीति
चुनाव आयोग के मुताबिक, दूसरे चरण में 493 निर्दलीय प्रत्याशी मैदान में हैं। रायपुर दक्षिण से सबसे ज्यादा 46 उम्मीदवार अपना भाग्य अजमा रहे हैं, तो सबसे कम 6 प्रत्याशी बिन्द्रानवागढ़ सीट पर खड़े हैं। 72 सीटों में से 11 पर 20 या उससे ज्यादा प्रत्याशी चुनाव में हिस्सा ले रहे हैं।

राहुल ने 6 से ज्यादा सभाएं कीं : दूसरे चरण की 72 सीटों के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने 6 सभाएं कीं। इसके अलावा, नवजोत सिंह सिद्धू और राज बब्बर ने भी 12 से ज्यादा चुनावी सभाओं में हिस्सा लिया। राहुल ने राफेल डील, पनामा पेपर्स, राज्य में बेरोजगारी जैसे मुद्दे उठाए। इसके अलावा नीरव मोदी, मेहुल चौकसी और विजय माल्या का मामला भी उठाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री राजनाथ सिंह, स्मृति ईरानी, नितिन गडकरी समेत कई केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने प्रचार किया।

दूसरे चरण की अहम बातें
  • कुल उम्मीदवार : 1079
  • कुल वोटर : 1 करोड़ 53 लाख 85 हजार 983
  • पुरुष वोटर : 77 लाख 46 हजार 
  • महिला वोटर : 76 लाख 38 हजार 
  • थर्ड जेंडर : 940 
पहले चरण में 76 % मतदान  : पहले चरण की 18 सीटों पर 12 नवंबर को 76.28 फीसदी वोटिंग हुई। जो पिछली बार इन सीटों पर हुए 75.93 प्रतिशत मतदान से करीब 0.35 फीसदी ज्यादा है।

Wednesday, 14 November 2018

जीराफूल धान अब छत्तीसगढ़िया, प्रदेश की पहली ऐसी किस्म जिसे मिला जीआई टैग

जीराफूल धान अब छत्तीसगढ़िया, प्रदेश की पहली ऐसी किस्म जिसे मिला जीआई टैग

Jeeraful-paddy-GI-TAG-is-now-in-chhattisgarh

धान की मशहूर छत्तीसगढ़ी किस्म जीराफूल को ज्योग्राफिकल इंडेक्स (जीआई टैग) मिल गया है। अब इस धान की इस किस्म को दुनिया में जीराफूल नाम से ही जाना जाएगा। यह प्रदेश का पहला ऐसा कृषि उत्पाद है जिसे टैग मिला है।
​​​​​​​कुछ माह पूर्व कड़कनाथ मुर्गे के लिए छत्तीसगढ़ ने कोशिश की, लेकिन मप्र को इसका टैग मिल गया। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अधिकारियों के अनुसार सरगुजा के बतौली ब्लाॅक में बांसाझाल स्थित महिलाओं का समूह जीराफूल की खेती कर रहा है। उन्हें विवि द्वारा तकनीकी सहायता दी गई। देश में इससे पहले धान की अलग-अलग किस्मों के लिए केरल, पं. बंगाल, यूपी आदि राज्यों को जीआई टैग दिया गया है। अब इस श्रेणी में छत्तीसगढ़ भी शामिल हो गया है।

टैगिंग से यह फायदा
  • उत्पाद को कानूनी संरक्षण मिलता है। हेरा-फेरी रोकने में सहायता मिलती है।
  • उत्पाद व क्षेत्र की लोकप्रियता को अलग पहचान मिलती है।
  • दुनिया में प्रोडक्ट की ब्रांडिंग होती है और इससे उचित दाम भी मिलता है।
  • विज्ञापन की जरूरत खत्म। उत्पाद क्वालिटी के लिए जाना जाता है।

यह है जीआई टैग
जीआई टैग किसी उत्पाद का एक चिन्हित नाम या साइन होता है। इसे विशेष भौगोलिक उत्पत्ति, विशेष गुणवत्ता और पहचान के लिए भारत सरकार देती है। टैग 10 साल के लिए संरक्षित रहता है। इसके बाद फिर रिन्यू कराया जा सकता है।

खासियत
नमी वाले खेतों में आसानी से इस जीराफूल का उत्पादन किया जा सकता है। यह शुद्घ देशी सुगंधित किस्म है।

कुछ और उत्पादों के लिए भी प्रयास करेंगे

जीराफूल को जीआई टैग मिलना बड़ी उपलब्धि है। विवि ने कुछ और उत्पादों की पहचान की है, जिसके विशिष्ट गुण हैं। इनके लिए भी प्रयास किया जाएगा।  -डॉ. एसके पाटील, कुलपति कृषि विवि 

अब तक राज्य में जीआई टैग उत्पाद 
  • बस्तर ढोकरा    :    हस्तशिल्प  
  • ढोकरा(लोगो)  :       हस्तशिल्प 
  • बस्तर वुडक्राफ्ट  :     हस्तशिल्प  

Tuesday, 13 November 2018

राज्य में अब तक 24 पद्मश्री व तीन पद्म विभूषण

राज्य में अब तक 24 पद्मश्री व तीन पद्म विभूषण


Chhattisgarh Padma Bhushan & Padma Shri
युवा प्रदेश में 2018 तक प्रतिभाओं को 24 पद्मश्री और तीन पद्मभूषण से नवाजा जा चुका है। सम्मान प्राप्त उन प्रबुद्घजनों को नमन है, जिन्होंने प्रदेश को शीर्ष तक पहुंचाया। उनकी उपलब्धि से प्रदेश अलंकृत हो गया।
अविभाजित मध्यप्रदेश में मिले थे पांच पद्मश्री
सन्‌ 1976 में पंडित मुकुटधर पाण्डेय को शिक्षा एवं साहित्य में पद्मश्री का सफरनामा शुरू हुआ। फिर हबीब तनीर साहब की कला का पद्मश्री अवार्ड मूरिद हुआ। पद्मश्री की बराय आगे बढ़ी और प्रदेश की लोककलाकार तीजन बाई तक पद्मश्री आ पहुंचा। सफरनामा खत्म नहीं हुआ समाजिक कार्य के लिए राजमोहिनी देवी को पद्मश्री से नवाजा गया। समाज कार्य में प्रदेश को देश में अपना दम खम जारी रखा और धरमपाल सैनी को पद्मश्री दिया गया। यहां तक था अविभाजित मध्यप्रदेश में मिले पद्मश्री अवार्ड की दास्तां।
नए प्रदेश बनने के बाद मिले 19 पद्मश्री
सन्‌ 2004 में नए प्रदेश बनने के बाद चिकित्सा के क्षेत्र में डॉ. अरुण त्रयम्बक दाबके को दिया गया। फिर सन्‌ 2006 को छोड़ लगातार प्रदेश के बुद्घजनों को पद्मश्री से नवाजा जाने लगा। 2018 तक प्रदेश में अभिवाजित मध्यप्रदेश के समय के पांच और नए प्रदेश छत्तीसगढ़ के 19 पद्मश्री मिल चुके हैं।
पद्मश्री की सूची
  • सन्‌ 1976 पंडित मुकुटधर पाण्डेय - शिक्षा एवं साहित्य
  • सन्‌ 1983 हबीब तनवीर कला जगत
  • सन्‌ 1987 तीजन बाई कला जगत
  • सन्‌ 1989 राजमोहिनी देवी समाजिक कार्य
  • सन्‌ 1992 धरमपाल सैनी समाजिक कार्य
  • सन्‌ 2004 डॉ. अरुण त्रयम्बक दाबके चिकित्सा क्षेत्र
  • सन्‌ 2005 डॉ. पुनाराम निषाद कला जगत
  • मेहरुन्निशा परवेज शिक्षा एवं साहित्य
  • सन्‌ 2007 डॉ. महादेव प्रसाद पाण्डेय शिक्षा एवं साहित्य
  • सन्‌ 2008 जॉन मार्टिन नेल्सन कला जगत
  • सन्‌ 2009 गोविंद राम निर्मलकर कला जगत
  • सन्‌ 2010 डॉ. सुरेन्द्र दुबे शिक्षा एवं साहित्य
  • सन्‌ 2011 डॉ. पुखराज बाफना चिकित्सा
  • सन्‌ 2012 शमशाद बेगम सामाजिक कार्य
  • फुलबासन बाई यादव सामाजिक कार्य
  • सन्‌ 2013 स्वामी जी सी डी भारती (भारती बंधु) कला जगत
  • सन्‌ 2014 अनुज शर्मा (रामानुज) कला जगत
  • सन्‌ 2015 सबा अंजुम खेल जगत
  • शेखर सेन कला जगत
  • सन्‌ 2016 ममता चंद्राकर कला जगत
  • सन्‌ 2017 अरुण शर्मा पुरात्व
  • सन्‌ 2018 पं. श्यामलाल चतुर्वेदी साहित्य एवं शिक्षा
  • दामोदर गणेश बापट समाज कार्य
पद्मभूषण से नवाजे गए प्रदेश के बुद्घजन
  • हबीब तनवीर
कला जगत
सन्‌ 2002
हबीब तनवीर नाट्य मंचन के ऐसे कलाकार और निर्देशक थे, जो हर नाटक को गांव-गावं से लेकर देश के बड़े से बड़े मंच तक पहुंचाए। उनकी निर्देशन में बहुत से रंगकर्मी आज अभिनय में परचम लहरा रहे हैं।
  • तीजन बाई
कला जगत
सन्‌ 2003
पंडवानी गायक तीजन बाई की आवाज देश-विदेश में गूंजती रहती है। उनकी आवाज और कला को 2003 में पद्मभूषण से नवाजा गया।
  • सत्यदेव दुबे
सन्‌ 2011
कला एवं रंगमंच
सत्यदेव के रंगमंच से प्रदेशवासी रू-ब-रू हैं। उनके निर्देशन में कई कहानियों को रंगकर्मीयों ने मंच पर संजोया।

गोंडी और हलबी में 'प्रेम' का रस घोलेगी बापू की हिंद स्वराज

गोंडी और हलबी में 'प्रेम' का रस घोलेगी बापू की हिंद स्वराज

raipur-mahatma-gandhi-book-hind-swaraj-will-teach-love-religion-instead-of-hate-religion

1909 में लंदन से दक्षिण अफ्रीका लौटते हुए जहाज पर हिंदुस्तानियों के हिंसावादी पंथ को और उसी विचारधारावाले दक्षिण अफ्रीका के एक वर्ग को दिए गए जवाब के रूप में महात्मा गांधी ने 'हिन्द स्वराज' पुस्तक लिखी। पहले दक्षिण अफ्रीका में छपने वाले साप्ताहिक 'इंडियन ओपिनियन' में यह प्रकट हुई थी। द्वेष धर्म की जगह प्रेम धर्म की सीख देने वाली इस कृति का पहली बार छत्तीसगढ़ में बोली जाने वाली गोंडी और हलबी बोली में अनुवाद किया जा रहा है।

राज्य शासन के निर्देश पर राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के संचालक सुधीर कुमार अग्रवाल ने बताया कि महात्मा गांधी की पुस्तक 'हिन्द स्वराज' और 'बापू की कुटिया' के अनुवाद का काम शुरू कर दिया गया है। यह पुस्तक न सिर्फ स्कूल में बल्कि कॉलेज, बस्तर व गोंडी, हलबी भाषी छत्तीसगढ़ियों तक बापू का संदेश पहुंचाएगी।

गौरतलब है कि गोंड आदिवासियों की कुल आबादी 2011 की जनगणना के अनुसार एक करोड़ 32 लाख के आसपास है। छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में रहने वाले गोंड या तो छत्तीसगढ़ी बोलते हैं या सरगुजिया। वहीं बस्तर इलाके में रहने वाले गोंड आदिवासी या तो तेलुगु मिश्रित गोंडी बोलते हैं या हलबी।